
ॐ जय काली माता, मैया जय काली माता।
जो कोई तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
ॐ जय काली माता…॥
चन्द्र-सी सुंदर मुख ज्योति, शशि-ललित छबि छाता।
तन पर आहे गज-चर्म सुहावे, खप्पर धारन करता॥
ॐ जय काली माता…॥
काली स्वरूप निराला, संकट हरने वाली।
दुष्टों का नाश करने को, प्रकट हुई भय-भाली॥
ॐ जय काली माता…॥
खप्पर में रक्त भरकर, भूत-प्रेत भगाती।
जिन्हे तुम्हारी शरण मिली, भय उनका मिट जाता॥
ॐ जय काली माता…॥
शिव शंकर के संग बैठी, सिंहासन पर माता।
भक्तों की रक्षा करने, चली तुम्हारी प्रभु-व्रता॥
ॐ जय काली माता…॥
जो जन सच्चे भाव से, आरती रोज गावे।
माँ काली उनकी सारी, मनोकामना पूरी करावे॥
ॐ जय काली माता…॥
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