जय माँ काली: शक्ति और करुणा का प्रतीक

माँ काली का महत्व

जय माँ काली, इस मंत्र का उच्चारण करते ही हर भक्त के मन में एक अद्वितीय शक्ति का संचार होता है। माँ काली को शक्ति और करुणा का प्रतीक माना जाता है। वह हमें बुराई से लड़ने और आत्मलाभ के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

काली पूजा की परंपरा

काली पूजा के दौरान भक्त अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना करते हैं। यह पूजा विशेषकर नवदुर्गा महोत्सव में बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। काली माँ का स्वरूप अद्वितीय होता है, जो न केवल शक्ति का प्रतीक है बल्कि करुणा और प्रेम का भी। भक्त अपने जीवन में आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए माँ काली से सहायता की कामना करते हैं।

काली माँ की उपासना

माँ काली की उपासना करने के लिए भक्त विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान करते हैं। इनमें हवन, विशिष्ट मंत्रों का जाप और भोग-प्रसाद का आयोजन शामिल है। इन सबके माध्यम से भक्त माँ काली की कृपा प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। उनका विश्वास होता है कि श्रद्धा और भक्ति से माँ काली हर संकट का समाधान कर सकती हैं।